ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3333.30वाल्मीकि रामायण 33.30श्रीस् त्वाम् भजति शोकघ्नी रक्षसाम् भयम् आगतम् । रामात् कमल पत्र अक्षि दैत्यानाम् इव वासवात् ।। ६-३३-३०पिछलाअगलापूरा अध्याय