ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3333.31वाल्मीकि रामायण 33.31अवजित्य जित क्रोधस् तम् अचिन्त्य पराक्रमः । रावणम् समरे हत्वा भर्ता त्वा अधिगमिष्यति ।। ६-३३-३१।।पिछलाअगलापूरा अध्याय