ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3333.29वाल्मीकि रामायण 33.29उद्यत आयुध हस्तानाम् राक्षस इन्द्र अनुयायिनाम् । सम्भ्रमो रक्षसाम् एष तुमुलो लोम हर्षणः ।। ६-३३-२९।।पिछलाअगलापूरा अध्याय