ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन)अध्याय 33.49शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 3.49पू॒र्णा द॑र्वि॒ परा॑ पत॒ सुपू॑र्णा॒ पुन॒रा प॑त । व॒स्नेव॒ विक्री॑णावहा॒ इष॒मूर्ज॑ᳪ शतक्रतो ॥४९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय