ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 5252.24वाल्मीकि रामायण 52.24धनुर्ज्यातन्त्रिमधुरं हिक्कातालसमन्वितम् । मन्दस्तनितसङ्गीतं युद्धगान्धर्वमाबभौ ।। ६.५२.२४ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय