ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 4747.21वाल्मीकि रामायण 47.21शरतल्पगतौ वीरौ तथाभूतौ नरर्षभौ । दुःखार्ता सुभृशं सीता सुचिरं विललाप ह ।। ६.४७.२१ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय