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वाल्मीकि रामायण 32.31

साधु पातय माम् क्षिप्रम् रामस्य उपरि रावणः ।
समानय पतिम् पत्न्या कुरु कल्याणम् उत्तमम् ।। ६-३२-३१।।

पूरा अध्याय