ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3232.30वाल्मीकि रामायण 32.30मानमाव्याम् मया जातिम् वारितम् दानमुत्तमम् । याहमद्येह शोचामि भार्या सर्वातिथेरपि ।। ६-३२-३०।।पिछलाअगलापूरा अध्याय