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वाल्मीकि रामायण 32.20

किम् मान् न प्रेक्षसे राजन् किम् माम् न प्रतिभाषसे ।
बालाम् बालेन सम्प्राप्ताम् भार्याम् माम् सह चारिणीम् ।। ६-३२-२०।।

पूरा अध्याय