ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 2727.33वाल्मीकि रामायण 27.33शतम् शत सहस्राणि दृष्ट्वा वै सेतु बन्धनम् । गो लान्गूलम् महावेगम् गव अक्षम् नाम यूथपम् ॥६-२७-३३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय