Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 58.60

भूमिशय्या विवर्णाङ्गी पझिनीव हिमागमे ।
रावणाद्विनिवृत्तार्था मर्तव्यकृतनिश्चया ।कथंचिन्मृगशावाक्षी तूर्णमासादिता मया ।। ५.५८.६० ।।।।

पूरा अध्याय