ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5656.16वाल्मीकि रामायण 56.16मेघपादनिभैः पादैः प्रक्रान्तमिव सर्वतः । जृम्भमाणमिवाकाशे शिखरैरभ्रमालिभिः ।। 5.56.16 ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय