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वाल्मीकि रामायण 56.15

निःश्वसन्तमिवामर्षाद्घोरैराशीविषोत्तमैः ।
नीहारकृतगम्भीरैर्ध्यायन्तमिव गह्वरैः ।। 5.56.15 ।।।।

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