ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1818.24वाल्मीकि रामायण 18.24मथितामृतफेनाभमरजोवस्त्रमुत्तमम् । सलीलमनुकर्षन्तं विमुक्तं सक्तमङ्गदे ।। ५-१८-२४।।पिछलाअगलापूरा अध्याय