ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1515.25वाल्मीकि रामायण 15.25नील नाग आभया वेण्या जघनम् गतया एकया । नीलया नीरदापाये वनराज्या महीमिव ॥५-१५-२५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय