ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1212.21वाल्मीकि रामायण 12.21नाग कन्या वर आरोहाः पूर्ण चन्द्र निभ आननाः । दृष्टा हनूमता तत्र न तु सीता सुमध्यमा ॥५-१२-२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय