ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1212.22वाल्मीकि रामायण 12.22प्रमथ्य राक्षस इन्द्रेण नाग कन्या बलाद्द् हृताः । दृष्टा हनूमता तत्र न सा जनक नन्दिनी ॥५-१२-२२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय