ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1010.43वाल्मीकि रामायण 10.43भुज पार्श्व अन्तरस्थेन कक्षगेन क्र्श उदरी । पणवेन सह अनिन्द्या सुप्ता मद क्र्त श्रमा ॥५-१०-४३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय