ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1010.26वाल्मीकि रामायण 10.26रक्त चन्दन दिग्धेन तथा हारेण शोभिता । पीन आयत विशालेन वक्षसा अभिविराजितम् ॥५-१०-२६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय