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वाल्मीकि रामायण 67.41

सिंह शार्दूल चरितम् मत्त मातंग सेवितम् ।
मत्त द्विज गण उद् धुष्टम् सलिल उत्पीड संकुलम् ॥४-६७-४१॥

पूरा अध्याय