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वाल्मीकि रामायण 5.27

तस्मिन् वालिनि दुर्वृत्ते निपतिष्यन्ति वेगिताः ।
कन्क पत्र प्रतिच्छन्ना महेन्द्र अशनि संनिभाः ॥४-५-२७॥

पूरा अध्याय