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वाल्मीकि रामायण 43.21

तत्र पाण्डुर मेघाभम् जाम्बूनद परिष्कृतम् ।
कुबेर भवनम् रम्यम् निर्मितम् विश्वकर्मणा ॥४-४३-२१॥

पूरा अध्याय