ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 3030.23वाल्मीकि रामायण 30.23नील उत्पल दल श्यामः श्यामी कृत्वा दिशो दश । विमदा इव मातंगाः शान्त वेगाः पयो धराः ॥४-३०-२३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय