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वाल्मीकि रामायण 27.15

दक्षिणस्याम् अपि दिश स्थितम् श्वेतम् इव अंबरम् ।
कैलास शिखर प्रख्यम् नाना धातु विराजितम् ॥४-२७-१५॥

पूरा अध्याय