ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 4747.34वाल्मीकि रामायण 47.34सर्व लक्षण संपन्नम् न्यग्रोध परि मण्डलम् । सत्य संधम् महाभागम् रामम् अनुव्रता ॥३-४७-३४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय