ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 4747.35वाल्मीकि रामायण 47.35महाबाहुम् महोरस्कम् सिंह विक्रांत गामिनम् । नृसिंहम् सिंह संकाशम् अहम् रामम् अनुव्रता ॥३-४७-३५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय