ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 3232.6वाल्मीकि रामायण 32.6देव गन्धर्व भूतानाम् ऋषीणाम् च महात्मनाम् । अजेयम् समरे घोरम् व्यात्त आननम् इव अन्तकम् ॥३-३२-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय