ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 1616.12वाल्मीकि रामायण 16.12निवृत्त आकाश शयनाः पुष्यनीता हिम अरुणाः । शीता वृद्धतर आयामः त्रि यामा यान्ति सांप्रतम् ॥३-१६-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय