ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 1616.13वाल्मीकि रामायण 16.13रवि संक्रान्त सौभाग्यः तुषार अरुण मण्डलः । निःश्वास अन्ध इव आदर्शाः चंद्रमा न प्रकाशते ॥३-१६-१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय