Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 97.31

सा चित्रकूटे भरतेन सेना धर्मं पुरस्कृत्य विधूय दर्प्पम्।
प्रसादनार्थं रघुनन्दनस्य विराजते नीतिमता प्रणीता ॥ २.९७.३१ ॥

पूरा अध्याय