ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 8686.20वाल्मीकि रामायण 86.20गज अश्व रथ सम्बाधाम् तूर्य नाद विनादिताम् । सर्व कल्याण सम्पूर्णाम् हृष्ट पुष्ट जन आकुलाम् ॥२-८६-२०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय