ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 8686.19वाल्मीकि रामायण 86.19रम्य चत्वर सम्स्थानाम् सुविभक्त महा पथाम् । हर्म्य प्रासाद सम्पन्नाम् सर्व रत्न विभूषिताम् ॥२-८६-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय