ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 8686.21वाल्मीकि रामायण 86.21आराम उद्यान सम्पूर्णाम् समाज उत्सव शालिनीम् । सुखिता विचरिष्यन्ति राज धानीम् पितुर् मम ॥२-८६-२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय