Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 72.20

तत् इदम् न विभाति अद्य विहीनम् तेन धीमता ।
व्योमेव श्शिना हीनमप्भुष्क इव सागरः ॥२-७२-२०॥

पूरा अध्याय