Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 72.18

ततः शोकेन सम्वीतः पितुर् मरण दुह्खितः ।
विललाप महा तेजा भ्रान्त आकुलित चेतनः ॥२-७२-१८॥

पूरा अध्याय