ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 6868.4वाल्मीकि रामायण 68.4मैथिलो जनको राजा स अग्नि होत्र पुरस्कृतः । मुहुर् मुहुर् मधुरया स्नेह संरक्तया गिरा ॥१-६८-४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय