ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 2424.12वाल्मीकि रामायण 24.12तीरम् दक्षिणम् आसाद्य जग्मतुर् लघु विक्रमौ । स वनम् घोर संकाशम् दृष्ट्वा नरवरात्मजः ॥१-२४-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय