ग्रंथऋग्वेदमण्डल 10सूक्त 5858.3ऋग्वेद 58.3यत्ते॒ भूमिं॒ चतु॑र्भृष्टिं॒ मनो॑ ज॒गाम॑ दूर॒कम् । तत्त॒ आ व॑र्तयामसी॒ह क्षया॑य जी॒वसे॑ ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय