ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 1515.9श्रीरामचरितमानस 15.9मुनि मानस पंकज भृंग भजे। रघुबीर महा रनधीर अजे।। तव नाम जपामि नमामि हरी। भव रोग महागद मान अरी ॥9॥पिछलाअगलापूरा अध्याय