ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 111111.4श्रीरामचरितमानस 111.4सुनि मम बचन बिनीत मृदु मुनि कृपाल खगराज। मोहि सादर पूँछत भए द्विज आयहु केहि काज ॥110(ग)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय