ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 109109.3श्रीरामचरितमानस 109.3सुनि बिनती सर्बग्य सिव देखि ब्रिप्र अनुरागु। पुनि मंदिर नभबानी भइ द्विजबर बर मागु ॥108(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय