ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 109109.2श्रीरामचरितमानस 109.2रुद्राष्टकमिदं प्रोक्तं विप्रेण हरतोषये। ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषां शम्भुः प्रसीदति ॥9॥पिछलाअगलापूरा अध्याय