ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 103103.3श्रीरामचरितमानस 103.3कलिकाल बिहाल किए मनुजा। नहिं मानत क्वौ अनुजा तनुजा। नहिं तोष बिचार न सीतलता। सब जाति कुजाति भए मगता ॥3॥पिछलाअगलापूरा अध्याय