ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 103103.2श्रीरामचरितमानस 103.2नर पीड़ित रोग न भोग कहीं। अभिमान बिरोध अकारनहीं।। लघु जीवन संबतु पंच दसा। कलपांत न नास गुमानु असा ॥2॥पिछलाअगलापूरा अध्याय