ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 2424.4श्रीरामचरितमानस 24.4प्रीति बिरोध समान सन करिअ नीति असि आहि। जौं मृगपति बध मेड़ुकन्हि भल कि कहइ कोउ ताहि ॥23(ग)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय