ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 2424.3श्रीरामचरितमानस 24.3सत्य कहहि दसकंठ सब मोहि न सुनि कछु कोह। कोउ न हमारें कटक अस तो सन लरत जो सोह ॥23(ख)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय