Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 15.7

बंदउँ बिधि पद रेनु भव सागर जेहि कीन्ह जहँ।
संत सुधा ससि धेनु प्रगटे खल बिष बारुनी ॥14(च)॥

पूरा अध्याय