ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 5454.17महाभारत 54.17रणमण्डलमध्यस्थौ भ्रातरौ तौ नरर्षभौ अशोभेतां महाराज चन्द्रसूर्याविवोदितौपिछलाअगलापूरा अध्याय