Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 54.18

तावन्योन्यं निरीक्षेतां क्रुद्धाविव महाद्विपौ
दहन्तौ लोचनै राजन्परस्परवधैषिणौ

पूरा अध्याय