ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 5454.16महाभारत 54.16वर्मभ्यां संवृतौ वीरौ भीमदुर्योधनावुभौ संयुगे च प्रकाशेते संरब्धाविव कुञ्जरौपिछलाअगलापूरा अध्याय